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Odisha Literary Festival 2016 – The Memoirs

Divya Prakash With Students
How To Get Published (Hindi)
October 22, 2016
sunday waali chitthi divya prakash dubey
संडे वाली चिट्ठी 1- dear J
November 20, 2016

देखिये वैसे हिन्दी में छपना कोई बड़ी बात नहीं है। दिक्कत बस एक ही है कि बहुत से publisher author funded किताबें छापते हैं और छाप कर आपको दे देते हैं । किताब को बेचने से लेकर किताब के बारे में बताने कि ज़िम्मेदारी लेखक के भरोसे। जो भी किताबें ऐसे छपती है वो केवल अपने जानने वालों को गिफ़्ट देने के काम आती हैं, उनको ‘सप्रेम भेंट संस्कारण’ भी बोला जा सकता है और हाँ अगर आपके घर कोई आए तो आप शेख़ी बघार सकते हैं कि भाई आपकी किताब आ चुकी है

 
 

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दिव्य प्रकाश दुबे
दिव्य प्रकाश दुबे

मुसाफ़िर कैफ़े, मसाला चाय और टर्म्ज़ एंड कंडीशन अप्लाई नाम की तीन किताबें लिख चुका हूँ । कहने को एक बाप एक पति एक भाई एक दोस्त और एक टेलीकॉम कम्पनी में मार्केटिंग में काम करता हूँ। मेरी पहचान जो भी है किताबों से है और हाँ सबसे ज़रूरी बात मुझे कहानियाँ सुनने का शौक़ है। तो आप अपनी कहानी मुझे सुना सकते हैं । चिंता मत करिये मैं उसकी कहानी नहीं लिखूँगा। अगर लिख भी दी और आपका नाम नहीं डालूँगा।